बिहार कैबिनेट की बैठक में 129 एजेंडों पर मुहर, कृषि विभाग को मिली बड़ी सौगात

बिहार कैबिनेट की बैठक में 129 एजेंडों पर मुहर, कृषि विभाग को मिली बड़ी सौगात

Latest News

पटना, शुक्रवार — मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में शुक्रवार को कुल 129 एजेंडों पर स्वीकृति दी गई। इस बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इनमें सबसे अहम निर्णय कृषि विभाग से संबंधित रहा, जिसके तहत 457 करोड़ रुपये की नौ योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई और 218 नए पदों का सृजन किया गया।

बिहार कैबिनेट की बैठक में 129 एजेंडों पर मुहर, कृषि विभाग को मिली बड़ी सौगात

बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि कृषि विभाग में नए पदों का सृजन “बिहार कृषि विभागीय आशुलिपिक संवर्ग नियमावली, 2025” के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि इन पदों के सृजन से विभाग की कार्यक्षमता में सुधार होगा और किसानों को योजनाओं का लाभ तेजी से मिल सकेगा।

विजय सिन्हा ने आगे बताया कि विभाग की नौ नई योजनाओं को मंजूरी देना राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इससे किसानों को नई तकनीक, संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही, यह निर्णय राज्य में कृषि उत्पादन, विविधीकरण और सतत विकास को प्रोत्साहित करेगा।

कृषि क्षेत्र के लिए स्वीकृत प्रमुख योजनाएँ

राज्य मंत्रिपरिषद ने कृषि क्षेत्र में निवेश को गति देने के उद्देश्य से कई योजनाओं को मंजूरी दी है।

  • राष्ट्रीय खाद्य तेल–तेलहन मिशन के तहत ₹25.85 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
  • मसूर उत्पादन कार्यक्रम के लिए ₹95.85 करोड़ का प्रावधान किया गया।
  • प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत गेहूं बीज विस्थापन दर बढ़ाने के लिए ₹36 करोड़ स्वीकृत हुए।
  • रेनफेड एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत वर्षा आधारित क्षेत्रों के विकास के लिए ₹34.46 करोड़ की मंजूरी दी गई।
  • उद्यानिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष हस्तक्षेप योजना में ₹38.26 करोड़ स्वीकृत किए गए।
  • लखीसराय के कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर के आधुनिकीकरण के लिए ₹41.71 करोड़ दिए गए हैं।
  • जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने हेतु राज्य स्कीम मद से ₹31.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
  • वहीं, कृषि यंत्रीकरण को गति देने के लिए ₹153.64 करोड़ का बड़ा बजटीय प्रावधान किया गया है।

किसानों और युवाओं के लिए नई संभावनाएँ

राज्य सरकार ने इस बैठक में किसानों, युवाओं, महिलाओं और सरकारी कर्मियों से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। इन फैसलों से राज्य में रोजगार सृजन, कृषि आधुनिकीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

बैठक में लिए गए निर्णयों को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा, “सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इन योजनाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र में उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि होगी।”

राज्य मंत्रिपरिषद की यह बैठक न केवल कृषि सुधारों की दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है, बल्कि इसे बिहार के कृषि विकास की नई नींव के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *