Bihar Mukhymantri Mahila Rojgar Yojana 2025: बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने सुर्खियाँ बटोरी हैं। योजना के तहत राज्य की लगभग 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सीधे ₹10,000 की पहली किस्त ट्रांसफर की गई है।
योजना का उद्देश्य
सरकार का दावा है कि इस योजना से महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में, जिन महिलाओं का कार्य बेहतर परिणाम दिखाएगा, उन्हें ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
राजनीतिक महत्व
- विधानसभा चुनाव से पहले योजना का शुभारंभ राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
- आंकड़ों के मुताबिक, 75 लाख महिलाओं को यह लाभ मिलना राज्य की करीब 22% महिला मतदाता आबादी को साधने जैसा है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
लाभार्थियों के लिए नियम
- योजना के तहत एक ही परिवार की एक से अधिक महिला सदस्य, यदि वे अलग-अलग स्वरोजगार या स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हैं, लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
- यह राशि पूरी तरह अनुदान (ग्रांट) है, जिसे लौटाना नहीं होगा।
- आगे की किश्तें कार्य प्रदर्शन और प्रगति रिपोर्ट के आधार पर दी जाएंगी।
चुनौतियाँ और शिकायतें
कई महिलाओं को पहली किस्त की राशि अभी तक नहीं मिली है। इसके पीछे प्रमुख कारण हैं:
- गलत बैंक विवरण या IFSC कोड
- बैंक खाते का आधार से लिंक न होना
- अधूरी आवेदन प्रक्रिया
राज्य सरकार ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल जारी किया है ताकि लाभार्थी अपनी समस्या दर्ज करा सकें।
आर्थिक परिदृश्य
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक योजना के अंतर्गत ₹7,500 करोड़ की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि —
यदि इस आर्थिक मदद के साथ महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और बाज़ार से जोड़ने की सुविधा मिले, तो यह योजना बिहार की महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
