E-Shram Card Yojana 2025 — देशभर के करोड़ों असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। अब “ई-श्रम कार्ड योजना” (E Shram Card Yojana Payment) के तहत पात्र मजदूरों को हर महीने ₹3,000 पेंशन दी जाएगी। यह कदम मजदूर वर्ग को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
ई-श्रम कार्ड योजना क्या है?
ई-श्रम कार्ड योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करना है। इस कार्ड के माध्यम से सरकार मजदूरों का केंद्रीकृत डेटा तैयार करती है, जिससे उन्हें समय-समय पर मिलने वाली योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया जा सके।
अब इस पहल को और आगे बढ़ाते हुए सरकार ने घोषणा की है कि ई-श्रम कार्ड धारकों को नियमित रूप से हर महीने ₹3,000 की पेंशन दी जाएगी। इस निर्णय से उन मजदूरों को सबसे अधिक लाभ होगा जिनकी आय अस्थिर है और जिनके पास सामाजिक सुरक्षा का कोई दूसरा साधन नहीं है।
कौन-कौन होंगे लाभार्थी?
इस योजना का लाभ समाज के उस वर्ग को मिलेगा जो अब तक सरकारी पेंशन योजनाओं से वंचित रहा है। इसमें शामिल हैं:
- रेहड़ी-पटरी लगाने वाले
- रिक्शा चालक और ऑटो चालक
- घरेलू कामगार
- दिहाड़ी मजदूर
- खेतिहर मजदूर
- निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिक
- छोटी दुकानों या कारखानों में काम करने वाले कर्मचारी
अगर कोई मजदूर ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत है और आवश्यक पात्रता शर्तें पूरी करता है, तो उसे योजना के तहत हर महीने ₹3,000 की पेंशन सुनिश्चित की जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया: कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल और ऑनलाइन बनाया है ताकि अधिक से अधिक मजदूर इसका लाभ उठा सकें।
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल eshram.gov.in पर जाएं।
- यहां E Shram Pension Yojana Apply Online पर क्लिक करें।
- आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- बैंक विवरण (Bank Details) भरें।
- आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें — आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो।
- फॉर्म सबमिट करने के बाद आवेदन पूरा हो जाएगा।
- वेरिफिकेशन के बाद लाभार्थी का नाम ई-श्रम कार्ड पेमेंट लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा।
सरकार का दावा है कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित है, जिससे मजदूरों को भुगतान में देरी नहीं होगी।
मजदूरों को क्या होगा फायदा?
इस योजना से करोड़ों मजदूरों को नियमित आय का सहारा मिलेगा। अब तक जिन श्रमिकों की आमदनी अनिश्चित रही है, उन्हें हर महीने निश्चित पेंशन से बड़ी राहत मिलेगी।
- आर्थिक सुरक्षा: मजदूरों को न्यूनतम ₹3,000 की गारंटीड पेंशन।
- परिवार को सहारा: बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोज़मर्रा के खर्चों में मदद।
- बुढ़ापे की चिंता खत्म: असंगठित क्षेत्र के बुजुर्ग श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन।
- सामाजिक सुरक्षा का कवच: पंजीकरण से सरकार की अन्य योजनाओं का भी सीधा लाभ।
मजदूरों की प्रतिक्रियाएँ
ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक मजदूर वर्ग में इस घोषणा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
दिल्ली के एक निर्माण मजदूर रामकुमार ने कहा, “यह पैसा हमारे लिए जीवनरेखा साबित होगा। कई बार काम न मिलने पर घर चलाना मुश्किल हो जाता है। पेंशन से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।”
उधर उत्तर प्रदेश की एक महिला खेतिहर मजदूर सुनीता देवी ने कहा, “सरकार ने पहली बार हमारे बारे में सोचा है। अब हमें बच्चों की पढ़ाई और दवाई का खर्च निकालने में आसानी होगी।”
राजस्थान के एक रिक्शा चालक मोहनलाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हमारे जैसे मजदूरों के लिए यह योजना उम्मीद की किरण है। कमाई कम होने पर भी अब घर का खर्च चल जाएगा।”
सरकार का पक्ष
सरकार ने साफ किया है कि इस योजना का उद्देश्य मजदूर वर्ग को न्यूनतम सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
श्रम और रोजगार मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार:
“लंबे समय से असंगठित क्षेत्र के मजदूर पेंशन योजना की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने इस ऐतिहासिक कदम से उनकी मांग पूरी कर दी है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी मजदूर आर्थिक तंगी से परेशान न रहे।”
अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में योजना के दायरे को और बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक श्रमिक वर्ग को कवर किया जा सके।
आंकड़े और संभावनाएँ
- देश में लगभग 28 करोड़ मजदूर असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं।
- अब तक 27 करोड़ से अधिक मजदूर ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं।
- सरकार का अनुमान है कि शुरुआती चरण में लगभग 10 करोड़ मजदूरों को पेंशन का सीधा लाभ मिलेगा।
- भविष्य में पंजीकरण बढ़ने के साथ यह आंकड़ा और बड़ा हो सकता है।
चुनौतियाँ
हालांकि योजना महत्वाकांक्षी है, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं:
- दूरदराज़ इलाकों में रहने वाले मजदूरों तक जानकारी पहुंचाना।
- डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण ऑनलाइन आवेदन में दिक्कतें।
- समय पर वेरिफिकेशन और भुगतान सुनिश्चित करना।
- बैंक खातों से जुड़ी तकनीकी समस्याएँ।
सरकार का कहना है कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष हेल्पलाइन और स्थानीय सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
ई-श्रम कार्ड योजना के तहत हर महीने ₹3,000 पेंशन देने का निर्णय निश्चित रूप से देश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल उनके जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगा बल्कि समाज में आर्थिक असमानता को भी कम करने की दिशा में अहम साबित होगा।
